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कानपुर दक्षिण के थानों मे नहीं रुक रहा अपराध,लापरवाह पुलिसकर्मियों पर मेहरबान अफसर

दरोगा अनूप कुमार अपनी टीम के साथ आते है और फिर मृतिका की लाश को सील करने के बाद उसे पीएम हाउस सुबह 4 बजे भेज दिया जाता है, लेकिन ताज्जुब ये है की सुबह 4 बजे पीएम हाउस पहुंची लाश का पंचनामा पूरे 36 घंटे बाद किया जाता है

गौरव कुशवाहा ,कानपुर : प्रदेश के सबसे चर्चित जिलो में से एक कानपुर में कमिश्नरी सिस्टम लगाकर अपराध पर लगाम कसने की एक बेहतरीन पहल शासन द्वारा की गई थी,कई जोन बनाए गए कई अफसर तैनात किए गए लेकिन इसके बावजूद ना पुलिसिया कार्रवाई बदली और ना ही ढिलाई करने वाला रवैया ।हम आपको कानपुर दक्षिण के चर्चित थाने नौबस्ता अंतर्गत हुई एक घटना में अति गंभीर पुलिसिया लापरवाही का एक जीता जागता सर्टिफिकेट दिखाने जा रहे है ।

26 मई 2022 की रात 1:45 बजे अहिरवा चकेरी निवासी शिव प्रसाद साहू की बेटी के ससुराल से इन्हे फोन द्वारा सूचना दी गई की आपकी बेटी ने फांसी लगा आत्महत्या कर ली है, सूचना पर परिजन जब बेटी के घर नौबस्ता पहुंचते है तब वहा उन्हें ना ही बेटी मिलती है ना ही घर वाले, फंदे से उतारकर बिना पुलिस को सूचना किए घर वाले उसे धनवंतरी अस्पताल ले जाते है जहा बिटिया को मृत घोषित कर दिया जाता है ।

अब आपको पुलिसिया कार्रवाई से अवगत कराते है मौके पर महज एक डायल 112 की गाड़ी होती है , दरोगा अनूप कुमार अपनी टीम के साथ आते है और फिर मृतिका की लाश को सील करने के बाद उसे पीएम हाउस सुबह 4 बजे भेज दिया जाता है, लेकिन ताज्जुब ये है की सुबह 4 बजे पीएम हाउस पहुंची लाश का पंचनामा पूरे 36 घंटे बाद किया जाता है ।

Chakeri Dowry Case Image

अब इसका कारण भी समझ लीजिए, दरोगा अनूप कुमार ने पूरे मामले में इसी लापरवाही बरती की ना कागज ही पुरे किए थे ना सील तक सही से लगवाई थी, परिजन बार बार पुलिस से गुहार लगाते रहे की जल्दी पीएम करवाया जाएं, लेकिन लापरवाही ऐसी की ना अधिकारियो ने दरोगा पर कोई कार्यवाही की ना परिजनों की शिकायत पर पति के अलावा किसी को गिरफ्तार किया वो अलग बात है की थाने से तीन दिन बाद ससुर को जिसके विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज थी उसे भी रिहा कर दिया गया ।

नौबस्ता थाने से हत्या और संगीन मामलों में अपराधियों को छोड़ दिए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है ऐसे तमाम मामले थाने में बैठे अपने आप को कप्तान समझने वाले इंस्पेक्टर कर चुके है । और बड़ी बात यह है इन सब में सिर्फ थाना ही इंवॉल्व नहीं होता इन सभी मामलों में इन सभी वारदातों की मॉनिटरिंग करने वाला कानपुर दक्षिण में बना डीसीपी कार्यालय और उसमें बैठे अधिकारी भी शामिल होते हैं।

 

इस पूरे गंभीर प्रकरण में अनूप कुमार द्वारा लगातार लापरवाही बरती गई लेकिन मजाल है किसी अधिकारी की जो किसी तरह की कोई कार्यवाही पुलिसकर्मी पर की गई हो, असहाय और गरीबों के लिए कभी-कभी यही सारी वजह है बनती हैं जिससे उनका पुलिस पर से विश्वास उठने लगता है कानपुर कमिश्नरी महज इसलिए नहीं बनाई गई है किसानों को सिर्फ वायरलेस पर आदेश दिए जाए उनके द्वारा की गई लापरवाही ऊपर कठोर कार्यवाही भी की जानी चाहिए।

परिजनों का आरोप है कि बेटी की 5 साल पहले आशीष साहू से शादी की गई थी इसके बाद उन्हें दो बेटियां हुई और तभी से बेटियों को लेकर ससुराली जन ताना मारने लगे थे जिसके बाद से ही घर में लड़ाइयां होने लगी थी परिजनों का यह भी आरोप है की बेटी की परिवारी जनों ने मिलकर हत्या कर दी और पुलिस उन पर कोई गंभीर केस ना बना पाए इसलिए फंदे से खुद ही उतार कर अस्पताल तक ले गए, ऐसी भारी चूक से मामले पर अब कई बिंदुओं में पर्दा पड़ गया है, परिजनों ने जांचाधिकारी को बदलने का प्रार्थना पत्र एवम लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही के लिए एक प्रार्थना पत्र अधिकारियो को दिया है ।

 

Gaurav Kushwaha

Mr Gaurav Kushwaha . Editor in Chief। Prime Today News . Mandal Mantri . Aira Press Club. Working since 2018-2022 , Special Beat , Crime & Politics । Mostly working on ground for Stories . Cont. 7355049339 ।

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